खाद के खेल में बड़ा सवाल! 1320 में तय DAP के लिए मांगे 1600 रुपये, 5.50 लाख एडवांस के बाद भी नहीं मिली खाद
मुजफ्फरपुर जिले में खाद की कीमत और आपूर्ति को लेकर मुजफ्फरपुर में एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कुढ़नी के जगरनाथपुर निवासी एवं मेसर्स मुकेश किसान सेवा केंद्र के प्रोपराइटर मुकेश कुमार ने सिकंदरपुर स्थित मेसर्स अशोक टायर एजेंसी के प्रोपराइटर संजय कुमार हिसारिया और मैनेजर नीरज कुमार श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कृषि पदाधिकारी समेत जिलाधिकारी और कृषि विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है।
मुकेश कुमार का दावा है कि DAP 1320 रुपये प्रति बैग और नैनो DAP 560 रुपये प्रति बोतल की दर से सौदा तय होने के बाद उन्होंने चेक एवं UPI के माध्यम से करीब 5.50 लाख रुपये एडवांस दिए। आरोप है कि दो माह से अधिक समय बीतने के बावजूद खाद उपलब्ध नहीं कराई गई। बाद में DAP के लिए 1600 रुपये प्रति बैग की मांग की गई। विरोध करने पर चेक बाउंस कराकर केस करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
मुकेश का कहना है कि मार्च तक नो-ड्यूज होने के बाद मई में एडवांस राशि दी गई थी और इसके प्रमाण के रूप में चेक व UPI विवरण भी उपलब्ध हैं। उन्होंने अपने और पत्नी के जमा दस्तावेज वापस कराने तथा खाद अथवा राशि लौटाने की मांग की है।
वहीं, अशोक टायर एजेंसी के मालिक संजय कुमार हिसारिया ने आरोपों से अलग पक्ष रखते हुए कहा कि मुकेश कुमार की ओर करीब तीन लाख रुपये बकाया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी एजेंसी भाड़ा सहित यूरिया करीब 260 रुपये और DAP करीब 1300 रुपये में दुकानदार तक पहुंचाती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर खुदरा दुकानदार को यूरिया 280-300 रुपये और DAP 1600-1700 रुपये तक में मिल रही है, जबकि बोरे पर यूरिया का अंकित मूल्य 266.50 रुपये और DAP का 1350 रुपये दर्ज है, तो किसान तक खाद किस कीमत पर पहुंच रही है? खाद की कीमत, एडवांस भुगतान और बकाया राशि को लेकर दोनों पक्षों के दावों के बीच कृषि विभाग की जांच बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। शिकायतकर्ता ने मामले में कार्रवाई और न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना होगा कि विभाग इस पूरे मामले की जांच कर खाद की वास्तविक खरीद-बिक्री और मूल्य निर्धारण का सच सामने लाता है या नहीं।
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