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राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित सियाणी-खेजड़िया नाड़ी पंचायत और रामसर क्षेत्र की मेघवाल बहुल ढाणियों से एक विशेष ग्राउंड रिपोर्ट सामने आई है। मूकनायक स्टेट संपादक (राजस्थान) आरएल यादव BSW द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट उन हजारों परिवारों की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है, जो आज़ादी के लगभग 79 वर्ष बाद भी सड़क, शिक्षा, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इन क्षेत्रों में छोटे-छोटे बच्चों को प्रतिदिन कई किलोमीटर, कुछ मामलों में 14 किलोमीटर तक, पैदल चलकर स्कूल पहुँचना पड़ता है। दूरी और परिवहन के अभाव के कारण कई बालिकाएँ अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हैं। इसके अतिरिक्त, कई ढाणियों तक आज भी पक्की सड़कें नहीं पहुँची हैं, और पेयजल के लिए निवासियों को वर्षा जल के संचयन या निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
इस जमीनी रिपोर्ट के माध्यम से सरकार, शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से अनुच्छेद 14, 15, 21A और 46 के संदर्भ में जवाबदेह सवाल उठाए गए हैं। मूकनायक का स्पष्ट उद्देश्य किसी व्यक्ति, सत्ता या संस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से संविधान सम्मत अधिकारों, सामाजिक न्याय और विकास के मुद्दों को सामने लाना है। रिपोर्ट में क्षेत्र के समग्र विकास की मांग की गई है।
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