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अयोध्या में बेशक मीडिया की एंट्री बंद कराई गई हो, लेकिन सत्ता की पोल खुलने का दावा लगातार जारी है। इसी कड़ी में, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने अयोध्या राम मंदिर में दान और जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े कथित घोटाले के मामले में जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) और लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत को 11 दस्तावेज सौंपे हैं। सांसद ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत कई अन्य लोगों पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली एसआईटी टीम ने संजय सिंह को सबूत पेश करने के लिए बुलाया था। सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनों के दाम पहले कई गुना बढ़ाकर दिखाए गए। उन्होंने एसआईटी को ऐसे दस्तावेज सौंपे, जिनके अनुसार 1 करोड़ की जमीन 9 करोड़ में और 9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ में खरीदी गई। इसके अतिरिक्त, संजय सिंह ने नजूल भूमि का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि गैर-बिक्री योग्य ‘नजूल’ भूमि को भी ट्रस्ट द्वारा करोड़ों रुपए में खरीदा गया है।
जमीन घोटालों के अलावा, संजय सिंह ने मंदिर के दानपात्र में से चांदी, पादुका और हार चोरी होने के मामलों में भी सवाल उठाए हैं। इन गंभीर आरोपों के बाद, जमीन सौदों में भ्रष्टाचार के आरोप पर पहले क्लीनचिट देने वालों की अब बोलती बंद दिख रही है।
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