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छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मनकारी निवासी राघवेंद्र पटेल के परिजनों ने आज 30 जून को जिला कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा है, जिसमें विरोधी पक्ष पर राघवेंद्र को हत्या और जानलेवा हमले के झूठे मामलों में दोबारा फंसाने की गंभीर साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि इस साजिश के चलते राघवेंद्र की जान-माल की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है।
आवेदन में बताया गया है कि 21 दिसंबर 2025 को ग्राम मनकारी में जमीन विवाद को लेकर हुए एक विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिस पर महाराजपुर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। राघवेंद्र पटेल का आरोप है कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं था, इसके बावजूद विरोधी पक्ष के दबाव में पुलिस ने उसे मेमोरेंडम के आधार पर सह-आरोपी बनाकर जेल भेज दिया था।
मामले में 19 जून 2026 को जबलपुर हाई कोर्ट ने राघवेंद्र की जमानत मंजूर कर दी थी, जिसके बाद वह जेल से बाहर आया। अब परिजनों का आरोप है कि जमानत मिलने से नाराज विरोधी पक्ष के लोग उसे दोबारा जेल भिजवाने के लिए फर्जी चोटें दिखाकर पुलिस और अधिकारियों से झूठी शिकायतें कर रहे हैं। राघवेंद्र ने बताया है कि जेल से रिहा होने के बाद वह अपने गांव मनकारी नहीं गया है और वर्तमान में छतरपुर में अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहा है। उसने प्रशासन से अपनी मोबाइल लोकेशन की जांच करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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