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चंदौली जिले के बबुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत लठौरा गांव में एक अनुसूचित जाति की महिला ने गांव के ही तीन लोगों पर घर में घुसकर छेड़छाड़, मारपीट, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है।
पीड़िता अनुराधा देवी के अनुसार, उनके पति सुबास एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके कारण उनकी कमर और रीढ़ की हड्डी टूट चुकी है और वे बिस्तर पर ही रहते हैं। आरोप है कि 4 जुलाई 2026 की शाम करीब 5 बजे गांव के तीन लोग जबरन उनके घर में घुस आए और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए महिला से छेड़छाड़ करने लगे। विरोध करने पर हुई हाथापाई में महिला को चोटें आईं और उनकी चूड़ियां भी टूट गईं। शोर सुनकर जब आसपास के ग्रामीण और परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे, तब आरोपी पूरे परिवार को जान से मारने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देते हुए वहां से भाग निकले।
इस मामले में पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। बबुरी थाना प्रभारी किशोर कुमार चौबे ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में है और शांति भंग की आशंका को देखते हुए धारा 107/116 के तहत चालान किया गया है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच जारी है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, घटना 4 जुलाई की होने के बावजूद अब तक कार्रवाई केवल जांच प्रक्रिया तक ही सीमित रहने पर स्थानीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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