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कोटा में सफाई कर्मचारी संगठनों ने प्रशासन पर पूर्व में हुए एक लिखित समझौते का पालन न करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद उन्होंने व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि प्रशासन ने कर्मचारियों की भर्ती की मांग को लेकर किए गए आंदोलन, धरने और आमरण अनशन के बाद यूनियन के साथ यह समझौता किया था, लेकिन अब तक इसके अनुरूप कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
जारी ज्ञापन के अनुसार, इस समझौते की प्रमुख मांगों में कोर्ट प्रकरण वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति देना, तीन गुना भर्ती करना, कार्यरत कर्मचारियों को प्राथमिकता देना, ठेका प्रथा समाप्त कर आउटसोर्सिंग बंद करना, परंपरागत सफाई कार्य करने वाले परिवारों को प्राथमिकता प्रदान करना और यूनियन से हुए समझौते के अनुसार भर्ती प्रक्रिया पूरी करना शामिल है। इन मांगों पर सहमति बनने के बावजूद कार्रवाई न होने पर, 3 जून 2026 को स्वायत्त शासन मंत्री, प्रमुख शासन सचिव एवं निदेशक स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान को एक 7 दिवसीय ज्ञापन सौंपा गया था।
इस ज्ञापन की समय-सीमा समाप्त होने के बाद, कर्मचारी संगठन आगे के आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही समझौते की पालना कर भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो एक व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सफाई कर्मचारी की भर्ती को लेकर कोटा शहर में मुकेश वर्मा ने पंचायत, पालिकाओं और नगर निगम में एक बड़ा बयान भी दिया है।
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