शुरू न्यूज़
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को मुंगेर जिले के टेटिया बंबर प्रखंड स्थित भूना गांव में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए समृद्ध बिहार बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि बिहार की समृद्धि गांवों और पंचायतों के विकास से ही संभव होगी। इसी लक्ष्य के साथ राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को सभी पंचायतों में पंचायत विकास शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विकास, गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, बच्चों के उत्थान, जल प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, खाद्यान्न उत्पादन और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी, जिससे लंबित योजनाओं के कार्यान्वयन में गति लाई जा सके।
उन्होंने आगे बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर नियमित रूप से शिविर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर तथा अंतिम रविवार को पंचायत विकास शिविर आयोजित किए जाएंगे। सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक लगभग चार लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से साढ़े तीन लाख का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी नागरिक का कार्य 30 दिनों के भीतर पूरा नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारी को 31वें दिन निलंबित कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि टेटिया बंबर बिहार का पहला ऐसा प्रखंड होगा जहाँ दो डिग्री कॉलेज संचालित किए जाएंगे। यह फैसला क्षेत्र की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि यहाँ के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बाहर न जाना पड़े। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि 15 अगस्त 2026 के बाद किसी भी सरकारी अस्पताल से मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर नहीं किया जाएगा, और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी अस्पतालों में आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएँ एवं संसाधन उपलब्ध हों।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2029 तक बिहार के सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही, प्रत्येक प्रखंड को पथ निर्माण विभाग की सड़कों से जोड़ने का कार्य भी तेज किया जाएगा। उन्होंने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, जीविका से जुड़ी 1.81 करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, दुग्ध एवं मत्स्य उत्पादन बढ़ाने तथा पशुपालन को प्रोत्साहित करने की विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी। अपराध नियंत्रण पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार का अंतिम उद्देश्य विकास, सुशासन और पारदर्शिता के माध्यम से बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड