चीन सीमा विवाद पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, कहा— ‘देश की सुरक्षा से ऊपर छवि बचाना खतरनाक’
नई दिल्ली:
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-चीन सीमा विवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन की ओर से भारतीय सेना की पेट्रोलिंग में रुकावट पैदा की जा रही है, लेकिन सरकार इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है।
’सरकार की चुप्पी चिंताजनक’
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर चीनी सेना द्वारा भारतीय जवानों को गश्त करने से रोकना बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने कहा, “उससे भी ज्यादा चिंताजनक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पसरा सन्नाटा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चीन को कड़ा जवाब देने के बजाय सच्चाई को दबाने और मीडिया पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है।
गलवान घटना का दिया हवाला
कांग्रेस नेता ने गलवान घाटी के घटनाक्रम का संदर्भ देते हुए प्रधानमंत्री के पुराने बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले भी यह कहकर कि ‘भारत की जमीन पर कोई नहीं आया’, देश के रुख को कमजोर किया गया था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि वर्तमान में भी अपनी राजनीतिक छवि को बचाने की कोशिशें चल रही हैं, जबकि देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
’मोहब्बत और अहिंसा से देंगे राजनीतिक जवाब’
राजनीतिक रणनीति पर बोलते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्षी दल संविधान, भारतीय संस्कृति, जनता की ताकत, और ‘मोहब्बत व अहिंसा’ के रास्ते पर चलकर सत्ताधारी दल की नीतियों का मुकाबला करेंगे।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
मुद्दा: अरुणाचल प्रदेश में LAC पर पेट्रोलिंग में रुकावट का दावा।
निशाना: प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और गृह मंत्री की कथित चुप्पी पर सवाल।
आरोप: राष्ट्रीय सुरक्षा से ज्यादा सरकार द्वारा ‘राजनीतिक छवि’ को प्राथमिकता देने का आरोप।
रुख: विपक्ष ने अहिंसा और जनसमर्थन के बल पर सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात कही।
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