शुरू न्यूज़
मुंगेर मंडल कारा में विचाराधीन बंदी मनीष कुमार की छत से गिरने के बाद हुई मौत एक नए विवाद का कारण बन गई है। हवेली खड़गपुर प्रखंड के मधुबन दरियापुर निवासी मनीष कुमार के परिजनों ने इस घटना को मात्र एक हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मनीष के भाई तुलसी कुमार ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि जेल प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण उनके भाई की जान गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक कड़ी सुरक्षा वाली मंडल कारा में किसी विचाराधीन बंदी का जेल की छत तक पहुंचना अपने आप में कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। परिजनों ने यह भी दावा किया कि जेल प्रशासन की ओर से घटना की आधिकारिक सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई, बल्कि सुबह करीब 10:40 बजे तक उन्हें मीडिया के माध्यम से ही इस दुखद खबर का पता चला। परिजन रोशन कुमार ने तो यहां तक कहा कि अगर 8 जुलाई को निर्धारित मुलाकात हो पाती, तो मनीष कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करता, जिसका अर्थ है कि यह दुखद घटना जेल प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है।
परिजन सरकार और जिला प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस मामले में जेल प्रशासन की ओर से अब तक परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बताया गया है कि घटना की जांच अभी जारी है और मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड