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सस्ती दवा पर ताला! गुमला सदर अस्पताल में वर्षों से बंद जन औषधि केंद्र, मरीजों का सवाल– जिम्मेदार कौन?*
गुमला। केंद्र सरकार द्वारा आम लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना का लाभ गुमला सदर अस्पताल के मरीजों को वर्षों से नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र लंबे समय से बंद पड़ा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बाजार से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जन औषधि केंद्र बंद रहने से सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य अधूरा रह गया है। मरीजों और उनके परिजनों ने सवाल उठाया है कि आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है—अस्पताल प्रबंधन या जन औषधि केंद्र का संचालक?
लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर जन औषधि केंद्र को जल्द शुरू कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं का लाभ मिल सके। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो गरीब मरीजों की परेशानी और बढ़ती जाएगी।
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