दुल्हिनगंज पहाड़ पर सावन पूर्णिमा का ऐतिहासिक मेला, श्रद्धालुओं ने लिया मेले का आनंद
संजय वर्मा
हिसुआ, नवादा। सावन पूर्णिमा के अवसर पर हिसुआ प्रखंड क्षेत्र के प्रसिद्ध दुल्हिनगंज पहाड़ पर ऐतिहासिक मेले का आयोजन किया गया। मेले में आसपास के गांवों के साथ-साथ दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और पहाड़ पर चढ़कर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया।
दुल्हिनगंज पहाड़ के नीचे भगवान महादेव का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र रहा। सावन पूर्णिमा के मौके पर लोगों ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन-पूजन किए और सुख-शांति की कामना की।
मेले में बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए तरह-तरह के झूले लगाए गए थे। इसके अलावा मिठाई, चाट-पकौड़ी, खिलौने, घरेलू सामान और अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानें भी सजी थीं। बड़ी संख्या में लोगों ने खरीदारी की और परिवार के साथ मेले का आनंद उठाया।
मेले को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। हिसुआ थाना पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सहयोग किया गया। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से मेला परिसर में व्यवस्था बनी रही और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा गया।
सावन पूर्णिमा पर आयोजित यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा का भी प्रतीक बना रहा। देर तक पहाड़ और मेला परिसर में लोगों की चहल-पहल बनी रही।
दुल्हिनगंज पहाड़ पर सावन पूर्णिमा का ऐतिहासिक मेला, श्रद्धालुओं ने लिया मेले का आनंद
संजय वर्मा
हिसुआ, नवादा। सावन पूर्णिमा के अवसर पर हिसुआ प्रखंड क्षेत्र के प्रसिद्ध दुल्हिनगंज पहाड़ पर ऐतिहासिक मेले का आयोजन किया गया। मेले में आसपास के गांवों के साथ-साथ दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और पहाड़ पर चढ़कर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया।
दुल्हिनगंज पहाड़ के नीचे भगवान महादेव का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र रहा। सावन पूर्णिमा के मौके पर लोगों ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन-पूजन किए और सुख-शांति की कामना की।
मेले में बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए तरह-तरह के झूले लगाए गए थे। इसके अलावा मिठाई, चाट-पकौड़ी, खिलौने, घरेलू सामान और अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानें भी सजी थीं। बड़ी संख्या में लोगों ने खरीदारी की और परिवार के साथ मेले का आनंद उठाया।
मेले को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। हिसुआ थाना पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सहयोग किया गया। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से मेला परिसर में व्यवस्था बनी रही और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा गया।
सावन पूर्णिमा पर आयोजित यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा का भी प्रतीक बना रहा। देर तक पहाड़ और मेला परिसर में लोगों की चहल-पहल बनी रही।
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