मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 और 12 जुलाई को गोरखपुर को दो महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएँ समर्पित करेंगे। 11 जुलाई को वह भटहट से बांसस्थान तक 12 किलोमीटर लंबे फोरलेन सड़क और आयुष विश्वविद्यालय के नए छात्रावास का लोकार्पण करेंगे। वहीं, 12 जुलाई को मुख्यमंत्री धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में अदाणी समूह की अंबुजा सीमेंट फैक्टरी का शिलान्यास करेंगे, जिसमें अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के भी शामिल होने की उम्मीद है। प्रशासन ने इन दोनों कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
अदाणी समूह धुरियापार में अंबुजा सीमेंट फैक्टरी स्थापित करने के लिए लगभग 1,400 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है, जिसके लिए 46.63 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यह परियोजना पूर्वांचल के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जो क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश का मार्ग प्रशस्त करेगी। धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप कुल 6,876 एकड़ क्षेत्र में फैली है, जिसमें 17 अधिसूचित गांव शामिल हैं। पहले चरण में, गीडा ने लगभग 800 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर औद्योगिक उपयोग के लिए विकसित किया है। फैक्टरी के शुरू होने के बाद, करीब एक हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि परिवहन, निर्माण, होटल और लॉजिस्टिक्स जैसे सहायक क्षेत्रों में हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
गीडा के एसीईओ राम प्रकाश ने बताया कि फैक्टरी के शिलान्यास की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। फैक्टरी के लिए चुनी गई भूमि प्रस्तावित सहजनवा-दोहरीघाट रेल लाइन के निकट स्थित है, जिससे कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पाद के परिवहन में सुविधा होगी। बेहतर सड़क और रेल संपर्क के कारण धुरियापार बड़े औद्योगिक निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
इसके अतिरिक्त, चिलुआताल के पास एक भजन संध्या स्थल का भी निर्माण किया जा रहा है, जिससे लोग घाट पर सैर सपाटे के साथ भजन सुनने का आनंद ले सकेंगे। इस स्थल पर एक साथ 1014 लोग बैठकर भजन सुन सकेंगे, जिसके लिए एक विशाल स्थायी मंच और श्रद्धालुओं के लिए सीढ़ीनुमा श्रोता दीर्घा बनाई जा रही है। पूरा आयोजन क्षेत्र आरसीसी छत से आच्छादित होगा, ताकि विपरीत मौसम में भी श्रोता भजनों का आनंद ले सकें। यहां कलाकारों के लिए ग्रीन रूम, टॉयलेट ब्लॉक, पेयजल पोस्ट और पार्किंग की समुचित व्यवस्था होगी। स्थल का माहौल प्राकृतिक रखने के लिए पौधरोपण और लैंडस्केपिंग की जाएगी, और दीवारों को आध्यात्मिक चित्रों से सजाया जाएगा।
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