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फर्रुखाबाद जिले के राजेपुर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र पर किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को टोकन जारी होने के बावजूद किसानों की फसल की तौल नहीं की जा रही है, जिससे सैकड़ों किसान घंटों से केंद्र पर इंतजार करने को मजबूर हैं। खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण पहले ही फसल को केंद्र तक लाने में किसानों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। किसानों का कहना है कि यदि तौल प्रक्रिया में देरी जारी रही और फसल खुली में पड़ी रही, तो नमी बढ़ने के कारण उनकी उपज खराब हो जाएगी।
किसानों ने आरोप लगाया है कि मार्केटिंग इंस्पेक्टर की अनदेखी और दलालों के हस्तक्षेप के कारण यह स्थिति बनी है। उनका दावा है कि केंद्र पर जानबूझकर खरीद प्रक्रिया को लटकाया जा रहा है ताकि परेशान होकर किसान अपनी फसल निजी खरीदारों को कम दामों पर बेचने के लिए विवश हो जाएं। एक स्थानीय किसान नेता के अनुसार, अधिकारी और दलाल मिले हुए हैं और पिछले कई दिनों से खरीद और भुगतान की प्रक्रिया को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है। केंद्र पर स्टोरेज की कमी, तौल मशीनों का अभाव और कर्मचारियों की कमी भी किसानों की पीड़ा को और बढ़ा रही है।
इस मामले पर जिला प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों ने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। हालांकि, किसान इन दावों पर संदेह जता रहे हैं क्योंकि पूर्व में भी ऐसी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अब किसान संगठनों ने प्रशासन से राजेपुर केंद्र पर अतिरिक्त स्टाफ और मशीनें लगाने, दलालों पर कार्रवाई करने, खरीद की समयसीमा बढ़ाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर समय से भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।
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