शुरू न्यूज़
अजमेर जिले के मांगलियावास और लामाना में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से मियावाकी तकनीक पर आधारित दो सघन वन वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। भारत विकास परिषद् की मुख्य शाखा ब्यावर के तत्वावधान में रविवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के तहत दोनों स्थानों पर 600-600 देसी पौधे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे लामाना के गोपालपुरा से होगी, जिसके बाद सुबह 10:00 बजे मांगलियावास स्थित बी.आर. केल्सियम प्राइवेट लिमिटेड के नसीराबाद रोड परिसर में दूसरा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस अभियान के तहत नीम, कचनार, करंज, गूलर, पारस पीपल, सहजन, अर्जुन, हरसिंगार, सरस, केसिया श्यामा, चुरैल, अमरूद, अमलतास और पलाश जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। भाविप के दीपक झंवर के अनुसार, सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में मियावाकी तकनीक से पौधों का विकास काफी तेजी से होता है। इस तकनीक में मिट्टी की विशेष तैयारी के साथ गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, कोकोपिट और जैविक मिश्रण का उपयोग किया जाता है, जिससे कम समय में घना वन तैयार हो जाता है।
इन पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदित्य ग्रुप द्वारा पूरे क्षेत्र की मजबूत तारबंदी करवाई गई है। इस पूरे आयोजन में मंगलम् ग्रुप, मांगलियावास भी सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस कार्यक्रम में शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड