गिद्धेश्वर पुल पर मंडराया खतरा, जर्जर काजवे से छह पंचायतों का संपर्क प्रभावित, नए पुल का निर्माण जारी, पुराने पुल में दरारों के बाद ग्रामीणों ने मांगी तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था…..
जमुई के खैरा प्रखंड में किऊल नदी पर बना गिद्धेश्वर काजवे पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल के पाया संख्या 17 से 25 तक कुल 8 पायों में दरारें आने से दक्षिणी क्षेत्र की छह पंचायतों का संपर्क प्रभावित हो गया है।
इनमें गरही, हरखाड़, हरनी, अरुणमाबांक, बिशनपुर और गोली पंचायत शामिल हैं। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद हजारों ग्रामीणों को अब करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
गिद्धेश्वर और पूर्वतार के बीच स्थित यह पुल लंबे समय से हजारों लोगों के लिए लाइफलाइन माना जाता था। रोजाना छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर और अन्य ग्रामीण इसी रास्ते से आवागमन करते थे। पुल क्षतिग्रस्त होने से स्कूली बच्चों और प्रखंड मुख्यालय जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
हाल ही में पुल की बदहाल स्थिति के कारण एक बाइक नदी में फंस गई थी। हालांकि बाइक सवार सुरक्षित बच गया। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और सूचना मिलने पर गरही पुलिस भी मौके पर पहुंची।
जानकारी के अनुसार, इस पुल का निर्माण करीब 22 वर्ष पहले जल संसाधन विभाग ने 34.4 लाख रुपये की लागत से कराया था। वर्ष 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इसका उद्घाटन किया था। समय के साथ पुल जर्जर होता गया और भारी वाहनों के परिचालन पर पहले ही रोक लगा दी गई थी।
पुल के बगल में नए पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इसके पूरा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को तत्काल राहत नहीं मिल पा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था, क्षतिग्रस्त पुल की सुरक्षा और निर्माणाधीन नए पुल का काम जल्द पूरा कराने की मांग की है।
इस मामले में जानकारी के लिए खैरा बीडीओ शेखर सुमन से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
⚠️ जरूरी अपील: पुल की स्थिति को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जाती है।
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