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बेतिया में एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसले में, न्यायालय ने शादी का झांसा देकर एक युवती से दुष्कर्म के मामले में आरोपी शमीम अंसारी को दोषी ठहराया है। रेप एंड पॉक्सो एक्ट के अनन्य विशेष न्यायाधीश श्रीमान अरविंद कुमार गुप्ता की अदालत ने मझौलिया थाना क्षेत्र के खुटिया इंदु गांव निवासी शमीम अंसारी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
लोक अभियोजक श्रीमान जय शंकर तिवारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला वर्ष 2023 का है। अभियोजन के अनुसार, दोषी शमीम अंसारी ने युवती को प्रेम जाल में फंसाकर शादी का भरोसा दिया और इसी बहाने उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। बाद में, जब पीड़िता ने विवाह के लिए दबाव डाला, तो आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर मझौलिया थाना में शमीम अंसारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जांच और सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। श्रीमान अरविंद कुमार गुप्ता ने इस मामले का स्पीडी ट्रायल कराते हुए दोषसिद्ध अभियुक्त को सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले को महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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