शुरू न्यूज़
जयपुर एसीबी टीम ने कलेक्ट्रेट में एडीएम पूर्व कार्यालय में तैनात पीए को ₹100000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों किया गिरफ्तार
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जयपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एडीएम पूर्व कार्यालय में तैनात पीए मुकेश चौधरी को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी पीए ने परीक्षा संबंधी परिवहन के बिल पास कराने की एवज में परिवादी से ₹1.50 लाख की रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की और आरोपी को ₹1 लाख की रिश्वत स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया। फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की जांच जारी है। कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मच गया। एडिशनल एसपी एसीबी सुनील सिहाग ने बताया कि पिछले दिनों फॉरेस्टर और सेकंड ग्रेड का एग्जाम था, जिनके दौरान शिकायतकर्ता की गाड़िया लोजेस्टिक सपोर्ट के लिए लगी थी, इस दौरान ओएमआर शीट और प्रश्नपत्र सेंटर तक पहुंचाने और सेंटर से एडीएम ऑफिस पहुंचाने का काम था। इस दौरान करीब 80 से 100 गाड़ियां लगी थी। उसी संबंध में करीब 16 से 17 लाख के बिल थे, जिन्हें पास कराने के एवज में RAS नरेंद्र कुमार वर्मा एडीएम ईस्ट के पीए मुकेश ने डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। आरोपी ने परिवादी से 10 प्रतिशत कमीशन मांगा था, कमीशन की रकम 1 लाख रुपए थी। एसीबी ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल एसीबी की टीम गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ करने के साथ उसके घर और दफ्तर में जांच कर रही है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी लैपटॉप के लिए घूस की राशि की डिमांड कर रहा था लेकिन टेक्निकल एविडेंस के आधार पर एसीबी जांच करेगी कि घूस के इस खेल में क्या मुकेश अकेला ही शामिल था या कोई और भी।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड