गुजरात के गांधीनगर निवासी राकेश प्रजापति के पुत्र मानव प्रजापति वृंदावन स्थित श्री प्रेमानंद महाराज जी के आश्रम में करीब चार महीने से दीक्षरत होकर भक्ति कर रहे हैं। करीब 18 साल पहले पत्नी के देहांत के बाद गुजरात में अकेले रह रहे राकेश प्रजापति ने भी वृंदावन में ही कुटिया बनाकर प्रभु भक्ति करने का फैसला किया। उन्होंने गुजरात में अपना मकान, दुकान, वाहन और सारा सामान बेच दिया और वृंदावन के सुनरख में एक फ्लैट, मोटरसाइकिल और स्कूटर खरीदकर रहने लगे। इसी दौरान उनके फ्लैट के पास किराए पर गेस्ट हाउस चलाने वाले आलोक और राजन से उनका संपर्क हुआ। जब इन लोगों को राकेश प्रजापति की जमा पूंजी का पता चला, तो उन्होंने अपने साथी हिरेन और प्रेम सागर के साथ मिलकर चोरी की बड़ी योजना बनाई।
आरोपियों ने सुनियोजित साजिश के तहत आलोक के जरिए राकेश प्रजापति को कुटिया निर्माण के लिए जमीन दिखाने के बहाने तहसील मांट क्षेत्र में भेज दिया। इस बीच, उसके अन्य साथियों ने एक टाटा पंच कार में सवार होकर फ्लैट का ताला और दरवाजा तोड़ा और दोपहर करीब 3:00 से 4:00 बजे के बीच अलमारी के दीवान बेड में रखे ₹2,90,10,000 की भारी-भरकम नगदी चुरा ली। चोरी का शक होने पर आरोपियों ने आलोक को छुपा दिया और पीड़ित राकेश प्रजापति को डराया कि तुमने आलोक का खून कर दिया है और तुम जेल चले जाओगे। आरोपियों ने पिता-पुत्र को जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे डरकर पीड़ित गांधीनगर चले गए और वहां उनका स्वास्थ्य काफी बिगड़ गया।
पीड़ित द्वारा हिम्मत जुटाकर थाना जैत पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर चोरों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कीं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों—फरीदाबाद निवासी राजन, कुशीनगर निवासी आलोक, और सूरत निवासी प्रेम सागर व हीरेन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चुराए गए रुपयों में से ₹2,60,12,000 की नगदी व उससे खरीदी गई संपत्ति बरामद की है, जिसमें एक फॉक्सवैगन वर्टस (Volkswagen Virtus) कार, सोने-चांदी के आभूषण, ब्रांडेड घड़ियां, कपड़े, जूते, चार मोबाइल फोन, ब्रांडेड जिम व स्विमिंग किट, सप्लीमेंट्स और वारदात में इस्तेमाल टाटा पंच कार शामिल हैं।
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