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गुरुवार को भारतीय सेना के वीर सपूत जवान अवधेश कुमार का पार्थिव शरीर जहानाबाद जिले के पुनीत बीघा गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े, जिससे गांव और आसपास का वातावरण “भारत माता की जय” तथा “अवधेश कुमार अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। परिजनों के अनुसार, अवधेश कुमार दिल्ली स्थित सेना अस्पताल में इलाज करवा रहे थे, जहाँ एक ऑपरेशन के दौरान अचानक उनकी हृदय गति रुक जाने से उनका निधन हो गया। वर्ष 2012 में भारतीय सेना में शामिल हुए अवधेश कुमार ने देश सेवा को अपना सर्वोच्च कर्तव्य मानते हुए पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया था।
उनके आकस्मिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है; वे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। गुरुवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका पार्थिव शरीर गांव लाया गया, जहाँ अंतिम विदाई के दौरान लोगों की आंखें नम थीं और हर कोई अपने वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूरे जिले में व्याप्त शोक के बीच, अवधेश कुमार का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। क्षेत्र के लोग उनकी देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना को हमेशा याद रखेंगे।
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