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प्रयागराज के संगम क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (युवा) द्वारा विभिन्न किसान एवं जनसमस्याओं को लेकर चलाया जा रहा अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह आंदोलन आज सकारात्मक परिणाम के साथ समाप्त हो गया। आंदोलन के दूसरे दिन, प्रशासन ने भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों से वार्ता की, जिसके बाद यूनियन की सभी 20 सूत्रीय मांगों पर सहमति बन गई।
इस विस्तृत वार्ता में प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी विनय सिंह, एसीपी कुंजलता और बिजली विभाग सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी आंदोलन स्थल पर पहुंचे। बैठक में संगठन द्वारा प्रस्तुत 20 सूत्रीय मांगपत्र के प्रत्येक बिंदु पर गहन चर्चा की गई, जिसमें प्रशासन ने गंभीरता दिखाई।
इन मांगों में भूमि अधिग्रहण में किसानों को न्यायपूर्ण मुआवजा, ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति, उर्वरकों की उपलब्धता, स्मार्ट मीटर संबंधी समस्याओं का समाधान, आवारा पशुओं से किसानों की सुरक्षा, गौशालाओं का निर्माण, पशु चिकित्सकों की नियुक्ति, भूमाफियाओं पर कार्रवाई, फर्जी मुकदमों की जांच और नगर निगम क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना लगाए गए करों जैसे जनहित व किसान हित के मुद्दे शामिल थे।
प्रशासन ने सभी 20 मांगों पर अपनी सहमति व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई और समाधान की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने का आश्वासन दिया।
भारतीय किसान यूनियन (युवा) के प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह ने इस परिणाम को किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों और आम जनता के संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने दोहराया कि संगठन के आंदोलन हमेशा शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहे हैं, और भविष्य में भी किसानों तथा आमजन के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
संगठन ने प्रशासन की इस सकारात्मक पहल का स्वागत किया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि अब सभी सहमत बिंदुओं पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जानी चाहिए। भारतीय किसान यूनियन प्रशासन द्वारा किए गए आश्वासनों और निर्णयों के क्रियान्वयन पर लगातार निगरानी रखेगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या वादाखिलाफी होती है, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से फिर से जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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