बाघ के खौफ में जंगल,, मवेशी चराने गए ग्रामीण की मौत, दो मवेशी भी मिले मृत
पांडरवानी-छतेरा के जंगल में एक साथ तीन मौतों से दहशत
वन विभाग ने कैमरा ट्रैप से शुरू की निगरानी, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
वन परिक्षेत्र खैरलांजी के अंतर्गत ग्राम पांडरवानी-छतेरा बीट के कक्ष क्रमांक 809 के जंगल में रविवार को मवेशी चराने गए ग्रामीण की संदिग्ध वन्यप्राणी हमले में मौत का मामला सामने आया है । मृतक की पहचान ग्राम पांडरवानी-मिरगपुर निवासी देवकराम वाघमारे (लगभग 48 वर्ष) के रूप में हुई है। घटनास्थल के आसपास एक गाय और एक गौरा मवेशी भी मृत अवस्था में मिले हैं। एक ही क्षेत्र में ग्रामीण और दो मवेशियों की मौत से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है । परिजनों के अनुसार देवकराम वाघमारे रविवार को मवेशियों को चराने के लिए जंगल की ओर गया था । देर शाम तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। रात तक कोई सुराग नहीं मिलने के बाद सोमवार सुबह ग्रामीणों को जंगल में दो मवेशी मृत अवस्था में मिले । इसके कुछ दूरी पर देवकराम वाघमारे का शव भी पड़ा मिला । ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना सुबह करीब 6:30 बजे खैरलांजी वन अमले को गस्त के दौरान दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया। घटना की सूचना पर तिरोड़ी पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस द्वारा आवश्यक पंचनामा कार्रवाई कर मर्ग कायम किया गया। मृतक के शव का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटंगी में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया । ग्रामीणों का कहना है कि पांडरवानी-छतेरा के जंगल क्षेत्र में लंबे समय से बाघ की आवाजाही बनी हुई है। हालांकि, घटना में हमला किस वन्यप्राणी ने किया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी वन विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी । प्रथम दृष्टया बाघ द्वारा हमले की पुष्टि की गई है । घटना के बाद खैरलांजी और कटंगी वन परिक्षेत्र का अमला सक्रिय हो गया है। वन्यप्राणी की पहचान और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए क्षेत्र में कैमरा ट्रैप के माध्यम से निगरानी की जा रही है। वन अमले द्वारा घटनास्थल के आसपास वन्यप्राणी की गतिविधियों, पगमार्क सहित अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
परिवार को 8 लाख रुपये मुआवजे की प्रक्रिया
एसडीओ वन, कटंगी यशपाल मेहरा ने बताया कि विभाग द्वारा मृतक के परिवार को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि 8 लाख रुपये की मुआवजा राशि के प्रकरण को वन मंडल कार्यालय भेज दिया गया है। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद आगामी दिनों में यह राशि मृतक के बेटे के खाते में भेजी जाएगी।
घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में वन्यप्राणी के भय का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अकेले जंगल में नहीं जाने, विशेषकर सुबह-शाम के समय जंगल क्षेत्र में जाने से बचने तथा वन्यप्राणी की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की है। वन विभाग द्वारा कैमरा ट्रैप के जरिए वन्यप्राणी की पहचान और उसकी गतिविधियों की पुष्टि की जा रही है।
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