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हरियाणा के जींद जिले को भविष्य में हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात मिलने जा रही है, जिसके जरिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को पूरा करने का काम किया है। यह हाइड्रोजन ट्रेन नई युवा पीढ़ी की ऐसी न्यू जनरेशन है जो पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने का काम करेगी। इस ट्रेन की तकनीक ऐसी है कि जब हाइड्रोजन गैस का ऑक्सीजन से संपर्क होता है, तो फ्यूल सिस्टम से एनर्जी पैदा होती है जो प्रोपेलर को घुमाती है और पूरी प्रक्रिया के बाद पर्यावरण में प्रदूषण की जगह सिर्फ भाप ही बाहर निकलती है।
इस परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर राजीव जेटली ने भूपेंद्र हुड्डा पर तीखा निशाना साधा है। राजीव जेटली ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा जो यह दावा करते हैं कि सोनीपत ट्रैक उन्होंने बनवाया था, उन्हें अब हाइड्रोजन ट्रेन में एक माला लेकर बैठ जाना चाहिए और ट्रेन में यही नाम जपना चाहिए कि यह पटरी मैंने बनवाई थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर भूपेंद्र हुड्डा ने भविष्य की सोची होती, तो आज वह इस प्रश्न को नहीं दोहराते।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से चल रही यह ट्रेन विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है, जिसकी सौगात हरियाणा के जींद शहर को मिली है। विकसित देश भी इस तरह की हाइड्रोजन ट्रेन की कल्पना नहीं कर पाए हैं और दूसरे देशों में चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेनों की लंबाई भी इसके मुकाबले छोटी है। भारत की इस हाइड्रोजन ट्रेन में 10 बोगियां बनाई गई हैं, जिसमें करीब 2600 यात्री सफर कर सकेंगे। फायर सेफ्टी के लिए इसमें उत्तम क्वालिटी का एसओपी (SOP) सिस्टम लगा हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर इसे भीड़भाड़ वाले इलाके को छोड़कर खुले ट्रैक जींद-सोनीपत पर ले जाया गया है।
राजीव जेटली के अनुसार, पंजाब चुनाव आते-जाते रहेंगे लेकिन इस प्रोजेक्ट को पूरी दुनिया देखेगी। आने वाले समय में हर पटरी पर दौड़ने वाली ट्रेन हाइड्रोजन ट्रेन ही होगी। जब भी देश में हाइड्रोजन ट्रेन का नाम लिया जाएगा, तो पूरी दुनिया हमेशा तीन नामों को याद रखेगी—पहला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दूसरा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और तीसरा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव।
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