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भीलवाड़ा के बागोर थाना क्षेत्र में हुए बांसड़ा कांड के दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आहत पीड़ित माधव लाल खारोल गुरुवार को एक बार फिर बागोर थाने पहुंचे। पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग दोहराई। उनका आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरोपी पक्ष लगातार एफआईआर वापस लेने के लिए धमकियां दे रहा है और समझौते का दबाव बना रहा है, जिससे उनका पूरा परिवार लगातार डर और असुरक्षा के माहौल में रहने को मजबूर है।
पीड़ित के मुताबिक, 4 मई 2026 को वे एक टेंपो में दो बैल लेकर बांसड़ा गांव से अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में कुछ लोगों ने उनका वाहन रुकवाकर पूछताछ की। बैलों के मालिक से फोन पर बात कराने के बावजूद विवाद बढ़ गया और रतनलाल गुर्जर, महेंद्र सिंह समेत 15 से 20 लोगों ने उन पर लोहे की पाइप, बेल्ट और लात-घूंसों से हमला कर दिया। मारपीट में गंभीर रूप से घायल होकर वे बेहोश हो गए। इसके बाद आरोपी उन्हें जबरन गाड़ी में डालकर सुनसान जंगल में ले गए, जहां दोबारा मारपीट की गई और उनका मोबाइल फोन व नकदी छीन ली गई। बाद में उन्हें मरणासन्न हालत में सड़क किनारे छोड़ दिया गया था, जहां ग्रामीणों ने मदद कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
बागोर थाना अधिकारी ने पीड़ित को आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस के इस आश्वासन के बाद पीड़ित ने जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।
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