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ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रतापगढ़ के मानिकपुर स्थित पतित पावनी मां गंगा के घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भीषण गर्मी और खराब रास्तों के बावजूद, रात से ही भक्तों का तांता लगा रहा, जिन्होंने असीम आस्था के साथ गंगा में डुबकी लगाई। हालांकि, इस महापर्व पर एक ओर जहाँ श्रद्धा का माहौल था, वहीं लोक निर्माण विभाग (PWD) की गंभीर लापरवाही ने श्रद्धालुओं के सफर को मुश्किल बना दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, मानिकपुर के शिव हनुमान घाट, पक्का घाट और किला घाट समेत अन्य घाटों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखी गई। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद तीर्थ पुरोहितों से पूजा-पाठ करवाया, दान-दक्षिणा दी और भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी। प्रशासन की मुस्तैदी के बावजूद, PWD विभाग की लापरवाही ने इस उत्सव में खलल डाला। दरअसल, घाट को जाने वाली सड़क पर निर्माण कार्य चल रहा था, जहाँ सड़क पर ही बड़े-बड़े बोल्डर और गिट्टियाँ बिखरी पड़ी थीं। इस अव्यवस्था के कारण कई श्रद्धालु मोटरसाइकिल और साइकिल से फिसलकर गिर गए और चोटिल हो गए। पत्थरों की वजह से कई महिलाओं के पैरों के अंगूठों में गंभीर चोटें आईं और उनके नाखून तक उखड़ गए।
इस अव्यवस्था के बीच, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने स्थिति को बखूबी संभाला। मानिकपुर थाना प्रभारी पंकज राय अपनी पूरी पुलिस फोर्स के साथ मुस्तैद रहे और लगातार घाटों का भ्रमण कर जरूरतमंदों की मदद करते दिखे। वहीं, नगर पंचायत के सहायक जितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में घाटों पर साफ-सफाई और पीने के पानी की उचित व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को थोड़ी राहत मिली।
श्रद्धालुओं की आस्था ने तो अपना काम कर दिया, लेकिन PWD विभाग की इस बड़ी लापरवाही ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि ऐसे महत्वपूर्ण पर्वों पर सुरक्षा और सुगमता का ध्यान क्यों नहीं रखा गया।
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