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अजमेर जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर, डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे उनके परिजनों और गुर्जर समाज के प्रतिनिधि मंडल के साथ पुलिस-प्रशासन ने वार्ता की। इस वार्ता के बाद पुलिस और प्रतिनिधि मंडल के बीच एक समझौता हो गया। प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन पर कई बिंदुओं पर सहमति बनी, जिससे यह मामला सुलझ गया।
समझौते के तहत, डकैत जगन गुर्जर के पुत्र आसाराम सहित उनके अन्य परिजनों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। साथ ही, जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर, जो अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हैं, उन्हें धौलपुर अथवा भरतपुर की जेल में स्थानांतरित किया जाएगा। जेल अधीक्षक और जेल प्रशासन के खिलाफ भी जांच की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पप्पू गुर्जर और उनके साथ धौलपुर जेल में बंद दो अन्य भाइयों को जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मिल गई है। इसके अलावा, जगन गुर्जर के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के अंतिम मुकदमे में भी जांच की जाएगी, और तत्कालीन बाड़ी एसएचओ, जिसने यह मुकदमा दर्ज किया था, उसके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच होगी। इस पूरे मामले में राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने भी जगन गुर्जर के परिजनों को आश्वासन दिया है।
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