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भारत में आज भी सीवर में सफाई कर्मचारियों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है, जबकि अदालत के स्पष्ट आदेश हैं कि सीवर में किसी भी व्यक्ति को उतारकर सफाई नहीं कराई जाएगी। इसके बावजूद, फैक्ट्री मालिक, ठेकेदार या निजी व्यक्ति सफाई कर्मियों को सीवर में उतरने और सफाई करने के लिए मजबूर करते हैं, जिससे जहरीली गैस के कारण सफाई कर्मियों की मौतें बढ़ रही हैं। इसी तरह का एक मामला दिल्ली के सुल्तानपुरी 80 गज से सामने आया है, जहाँ सीवर की सफाई के दौरान तीन सफाईकर्मियों की मौत हो गई।
एमसीडी प्रशासन और सरकार भी इस मुद्दे पर कोई सख्त रवैया नहीं अपना रहे हैं। सफाई कर्मचारी अपने घर का गुजर-बसर करने की मजबूरी में सीवर में उतरते हैं, लेकिन उन्हें कोई सुरक्षा किट प्रदान नहीं की जाती है। इसी कारण वे सीवर में सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आकर जान गंवा देते हैं।
इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी की पूरी टीम और दिल्ली नगर निगम प्रभारी प्रीति डोगरा मौके पर पहुँचे। उन्होंने सीवर में हो रही मौतों का पूरा ठीकरा भाजपा पर फोड़ते हुए इसे भाजपा की सबसे बड़ी नाकामी बताया, जिसके कारण मजबूर और लाचार सफाई कर्मचारियों की मौतें हो रही हैं। आम आदमी पार्टी ने इन तीन सफाई कर्मचारियों की मौत को भाजपा की विफलता करार दिया है। इस गंभीर समस्या पर सरकार को सख्त कानून बनाने की जरूरत है।
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