बस्ती के बसेवा राय स्थित अटल आवासीय विद्यालय में छात्रों के बीच हुई हिंसक भिड़ंत ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्धन और मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित माहौल देने के उद्देश्य से शुरू की गई सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के परिसर में छात्रों के बीच जमकर लाठियां और घूंसे चले हैं। इस हिंसक झड़प के बाद से विद्यालय परिसर में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और छात्रों की सुरक्षा भगवान भरोसे नजर आ रही है।
घटना के बाद विद्यालय प्रशासन और प्रधानाचार्य की भूमिका सबसे अधिक संदेह के घेरे में है। आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को समझने के बजाय सच को दबाने और इस पर पर्दा डालने का कुत्सित प्रयास किया। यदि उपश्रमायुक्त रचना केसरवानी, एसडीएम हरैया उमाकांत तिवारी और सीओ स्वर्णिमा सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को न संभाला होता, तो शायद यह पूरा मामला दबकर रह जाता। एसडीएम हरैया की सख्ती के बाद ही विद्यालय प्रशासन जागा है और मामले की जांच के निर्देश देकर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
इस घटना को लेकर छात्र-छात्राओं में गहरा आक्रोश और अविश्वास व्याप्त है, जिसके चलते वे प्रधानाचार्य को हटाने की मांग कर रहे हैं। विद्यालय परिसर के भीतर छात्रों का हिंसक होना सुरक्षा व्यवस्था की पूर्ण विफलता को दर्शाता है। इस पूरी घटना को महज अनुशासनहीनता का मामला न मानकर एक ‘सिस्टम फेल्योर’ माना जा रहा है। ऐसे में केवल दोषियों पर कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि विद्यालय के पूरे प्रशासनिक ढांचे के ऑडिट की मांग उठ रही है ताकि यह विद्यालय सुधार गृह या हिंसा का अखाड़ा न बन सकें।
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