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पत्रकार रजनीश मौर्या की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के सीधी जिले अंतर्गत जनपद पंचायत कुसमी क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुड़वाधार के निवासियों को रोजाना की दिनचर्या में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां सड़कों की बदहाल स्थिति के कारण बच्चों की शिक्षा बाधित हो रही है, वहीं आमजन को भी आवागमन में कई मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। खासकर बरसात के पहले दौर में ही सड़कें इस कदर खराब हो चुकी हैं कि जगह-जगह पानी जमा होने और कीचड़ व गड्ढे होने से विद्यालय पहुंचना तो दूर, यहां से गुजरना भी जीवन को जोखिम में डालने जैसा है।
ग्रामीणों ने बताया है कि उन्होंने इस समस्या की जानकारी कई बार पंचायत को दी, लेकिन पंचायत ने केवल कागजों पर काम करने का ढोंग किया और आज तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। पिछले साल बरगडई रास्ते पर एक नए पुल का निर्माण किया गया था, जो घटिया सामग्री से बनाया गया था, और इस साल की पहली बरसात में ही वह क्षतिग्रस्त हो गया। सड़कों का केवल मोरमीकरण कर छोड़ दिया गया, जिससे ग्रामीणों को बरसात के अलावा अन्य महीनों में कुछ राहत मिलती थी, लेकिन मानसून की समस्या अभी भी ज्यों की त्यों बनी हुई है।
बीते 4 जुलाई को ग्रामीणों ने अपनी परेशानियों को मीडिया के सामने साझा किया था, जिसके बाद यह खबर प्रकाशित भी की गई। हालांकि, संबंधित विभागीय अधिकारियों ने समस्याओं का निदान करने के बजाय लीपापोती करने का प्रयास किया। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी मौके पर आए, तस्वीरें खींचीं और बिना कोई जवाब दिए चले गए, जब उनसे सवाल-जवाब करने या जानकारी मांगने की कोशिश की गई। ग्रामीणों के मन में यह सवाल गहरा गया है कि क्या उनकी समस्याओं को समझने वाला कोई नहीं है, या फिर जिम्मेदार व्यक्ति सिर्फ दिखावा कर रहे हैं। इसकी जवाबदेही कौन तय करेगा, यह प्रश्न अभी भी अनुत्तरित है। स्कूली बच्चों सहित आमजन कई वर्षों से इस सड़क की समस्या से परेशान हैं।
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