बाराबंकी के थाने में जमीन को लेकर घमासान, बुआ बोलीं- जिसने सेवा की जमीन उसी को दूंगी
थाने में जमीन पर घमासान, बुआ बोलीं- जिसने सेवा की, जमीन उसी को दूंगी
कुछ लोग कर रहे थे विरोध, पुलिस के सामने बुजुर्ग महिला ने साफ कहा- किसी के दबाव में नहीं लिया फैसला
रामनगर। तहपुर गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर चल रही चर्चा रविवार को रामनगर थाने तक पहुंच गई। जमीन को लेकर परिवार के कुछ लोगों ने विरोध जताया और दो दर्जन से अधिक लोग थाने पहुंच गए। माहौल गरमाया तो पुलिस ने सभी पक्षों को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान बुजुर्ग महिला बड़कईया ने पुलिस के सामने ऐसा बयान दिया कि विवाद की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई। महिला ने दो टूक कहा कि जिस भतीजे ने उनकी सेवा और देखभाल की है, वह अपनी जमीन उसे ही देंगी।
बुजुर्ग महिला ने पुलिस के सामने कहा कि वह पिछले करीब पांच-छह वर्षों से भतीजे बेचन लाल के साथ रह रही हैं। इस दौरान उसने उनकी सेवा की और जरूरत के समय देखभाल की। महिला ने कहा कि इसी से खुश होकर उन्होंने अपनी जमीन भतीजे के नाम करने का फैसला लिया है। उन्होंने साफ किया कि जमीन किसी दबाव, लालच या किसी के बहकावे में आकर नहीं दी जा रही है।
मामले में विरोध करने वालों का कहना था कि जमीन के फैसले को लेकर आपत्ति है। बेचन लाल के मुताबिक राजू, सूरज, सरूफे और लाला की पत्नियां जमीन दिए जाने का विरोध कर रही थीं। मामला बढ़ने पर सभी पक्ष थाने पहुंचे। जनप्रतिनिधि सौरभ पांडे भी मौके पर पहुंचे और विवाद शांत कराने में सहयोग किया। थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह के निर्देश पर उपनिरीक्षक ने बुजुर्ग महिला का बयान दर्ज किया।
बेचन लाल ने बातचीत में बताया कि उनकी बुआ बड़कईया ने करीब छह वर्ष पहले साढ़े तीन बीघा जमीन उन्हें दी थी। बुआ के पास कुल करीब 14 बीघा जमीन थी, जिसमें से कुछ जमीन चाचा को दी गई। उन्होंने बताया कि रविवार को पुलिस की मौजूदगी में रामपुर में स्थित करीब 80 एरी जमीन भी बुआ ने उन्हें दे दी है। उन्होंने कहा कि विरोध के बावजूद बुआ ने सभी के सामने पुलिस की मौजूदगी में स्पष्ट कर दिया कि वह अपनी इच्छा से जमीन दे रही हैं।
पुलिस ने सभी पक्षों को समझाते हुए विवाद न बढ़ाने और शांति बनाए रखने की अपील की। बुजुर्ग महिला के स्पष्ट बयान के बाद मामला शांत हो गया। इस दौरान अमित सिंह समेत परिवार के दर्जनों लोग मौजूद रहे।
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