उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में खाकी और कानून की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक पीड़ित डॉक्टर ने यमुना नदी में छलांग लगा दी। मौत के गले लगाने से ठीक पहले डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर औरैया सदर कोतवाल राजकुमार सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। इस सनसनीखेज घटना की जानकारी मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
पीड़ित डॉक्टर का आरोप है कि उनके साथ हुए अन्याय के मामले में सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (SHO) राजकुमार सिंह ने उन्हें न्याय दिलाने के बजाय दबंगों का पक्ष लिया। वायरल वीडियो में डॉक्टर का दर्द साफ छलक रहा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सदर कोतवाल एक खास जाति (ठाकुर) से संबंधित होने के कारण विपक्षी आरोपियों को संरक्षण दे रहे थे। पीड़ित ने वीडियो में साफ तौर पर कहा कि चूंकि वे ब्राह्मण हैं और विपक्षी पक्ष व कोतवाल एक ही जाति के हैं, इसलिए उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। डॉक्टर के अनुसार, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बजाय उन पर समझौता करने का दबाव बनाया और उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया।
जब न्याय के सारे रास्ते बंद हो गए और पुलिस की कार्यप्रणाली से डॉक्टर का भरोसा पूरी तरह उठ गया, तो उन्होंने वीडियो बनाकर सदर कोतवाल की करतूतों को उजागर किया और यमुना नदी में छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और गहरे पानी में डॉक्टर की तलाश शुरू कर दी। यह दुखद घटना सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता और पुलिस के संरक्षण में चल रहे जातिवाद की पोल खोलती है। अब देखना यह है कि क्या सरकार और उच्चाधिकारी इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मी पर कोई ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर इस मामले को भी फाइलों के नीचे दबा दिया जाएगा।
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