उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के नवाबगंज क्षेत्र के दुर्गागंज माझा में आबकारी विभाग और पुलिस ने ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर अवैध कच्ची शराब की भट्टी को ध्वस्त किया है। इस डिजिटल कार्रवाई के दौरान टीम ने 500 लीटर कच्ची शराब और 2000 किलो लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया, जिससे नदी किनारे समानांतर अर्थव्यवस्था चला रहे माफियाओं के हौसलों पर बड़ी चोट पहुंची है। इस छापेमारी के तहत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
इस आधुनिक कार्रवाई के बाद भी प्रशासन के तौर-तरीकों और समस्या की जड़ पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खुद जिला आबकारी अधिकारी प्रगल्भ लवानिया का यह बयान प्रशासन की अब तक की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाता है कि पहले आरोपी सामान लेकर भाग जाते थे और जेल से छूटकर आने के बाद लोग फिर से इसी धंधे में लग जाते हैं। अपराधियों में कानून का खौफ न होना यह साफ दर्शाता है कि अब तक की पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाइयां केवल रस्म-रिवाज और खानापूर्ति साबित हुई हैं, जिसके कारण एक ही इलाके में बार-बार वही अपराध दोहराया जा रहा है।
केवल ड्रोन से भट्टी पकड़ने और छापेमारी करने से इस जहरीले कारोबार की सप्लाई चेन को नहीं तोड़ा जा सकता। इस पूरे संगठित सिंडिकेट को खत्म करने के लिए भट्टी चलाने वालों के पीछे छिपे संरक्षकों को बेनकाब करना और अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ना जरूरी है। प्रशासन को इस ढर्रे से बाहर निकलकर जवाबदेही तय करनी होगी, वरना कुछ हफ्तों बाद फिर वही ड्रोन उड़ेगा, फिर वही भट्टी सुलगती दिखेगी और यह पकड़म-पकड़ाई का खेल ऐसे ही चलता रहेगा।
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