उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने जीएसटी (राज्य कर) सेक्टर-6 की डिप्टी कमिश्नर अंबिका को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। अपने लंबे सेवाकाल के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकीं डिप्टी कमिश्नर सेवानिवृत्ति के महज कुछ ही महीने पहले खाकी के शिकंजे में आ गई हैं। इस कार्रवाई ने प्रशासनिक तंत्र की उस काली सच्चाई और लालच को उजागर किया है, जो आम आदमी और उद्यमियों को परेशान करती है।
यह पूरा मामला ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज के निदेशक अजय कुमार मौर्य की शिकायत से जुड़ा है। उनकी फरवरी 2023 के जीएसटी रिटर्न की एक फाइल को निपटाने के बदले में डिप्टी कमिश्नर द्वारा सुविधा शुल्क यानी रिश्वत की मांग की जा रही थी। विजिलेंस की वाराणसी इकाई ने जाल बिछाकर दादा रेस्टोरेंट के पास डिप्टी कमिश्नर अंबिका को रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। फाइलों के निस्तारण के लिए जानबूझकर पैदा किए जाने वाले इन प्रशासनिक अवरोधों के खिलाफ विजिलेंस की यह कार्रवाई भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है।
इस घटना पर तीखा प्रहार करते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि जब एक ‘लोक सेवक’ ही ‘लोक शोषक’ बन जाए, तो पूरी व्यवस्था पर से जनता का विश्वास उठ जाता है। पद और प्रतिष्ठा का दंभ कभी भी कानून से ऊपर नहीं हो सकता और भ्रष्टाचार की कमाई का अंत हमेशा अपमानजनक ही होता है। भ्रष्ट तंत्र पर लगाम कसने के लिए जनता से जागरूक होकर विजिलेंस के हेल्पलाइन नंबरों 9454401866 और 9454401222 पर शिकायत करने की अपील की गई है।
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