बस्ती के नगर पंचायत बभनान में ‘रोड लाइट’ के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटाले और भारी भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप सामने आया है। स्थानीय स्तर पर इसे भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा बताया जा रहा है, जहां सड़कों पर लगाई गईं लाखों रुपये की रोड लाइटें महज दो साल में ही खराब हो गईं, जबकि इनके पांच साल तक जलने का दावा किया गया था। विशेष रूप से वार्ड तीन पटेल नगर में लगाई गई रोड लाइटें दो साल भी नहीं चल पाईं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रोड लाइट की मरम्मत के नाम पर भी बड़ा घोटाला किया जा रहा है।
इस पूरे भ्रष्टाचार को दबाने के लिए आरटीआई (RTI) के तहत मांगी गई सूचनाओं को छिपाने का खेल चल रहा है। जिम्मेदारी से भागते हुए अधिशासी अधिकारी (ईओ) पर अब तक 25 हजार रुपये का जुर्माना लग चुका है। ईओ इस जुर्माने को अपने वेतन से भरने के लिए तैयार हैं, लेकिन वे जानकारी देने से बच रहे हैं ताकि भ्रष्टाचार की परतें न खुल सकें और उन पर होने वाले हमलों से बचा जा सके।
शिकायतकर्ता विवेक तिवारी और अन्य स्थानीय लोगों ने चेयरमैन और ईओ के बीच गहरी मिलीभगत का सीधा आरोप लगाया है। भुगतान पर दोनों के हस्ताक्षर होते हैं, जिससे इस लूट में दोनों की भागीदारी बताई जा रही है। आरोप है कि चेयरमैन केवल अपने हितों को प्राथमिकता देते हैं और ईओ वही करते हैं जो चेयरमैन चाहते हैं। इसके अलावा, विकास कार्यों के नाम पर गनेशपुर के ठेकेदार आशुतोष श्रीवास्तव को 150 प्रतिशत से अधिक का ठेका पट्टा देने और उनके कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। अधिकारियों के तबादलों के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार न होने से नाराज स्थानीय लोगों ने मांग की है कि यदि ‘डीएम मैडम’ को सच देखना है, तो उन्हें खुद बभनान आकर विकास कार्यों का जायजा लेना चाहिए।
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