जनपद बस्ती के छावनी थाना क्षेत्र में एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। छौतौना निवासी शिवजगत निषाद ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्र लिखकर छावनी थानाध्यक्ष राणा डी.पी. सिंह पर उनके 14 वर्षीय बेटे को बेवजह प्रताड़ित करने और उसके नदी में डूबने के दौरान मूकदर्शक बने रहने का गंभीर आरोप लगाया है। यह घटना 1 जुलाई 2026 की बताई जा रही है, जब पीड़ित का बेटा अमरनाथ निषाद अपनी भैंस खोजने के लिए मोटर साइकिल से छौतौना माझा क्षेत्र में गया था और उसी समय थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ शराब विरोधी अभियान चला रहे थे।
पीड़ित पिता शिवजगत निषाद की तहरीर के अनुसार, थानाध्यक्ष राणा डी.पी. सिंह के निर्देश पर एक कथित चौकीदार दुर्गेश शुक्ला और तीन-चार अज्ञात सिपाहियों ने नाबालिग को पकड़ लिया। पूछताछ में जब किशोर ने बताया कि वह अपनी भैंस खोज रहा है, तो पुलिसकर्मियों ने उसकी पिटाई की और उसका पैंट उतरवा दिया। आरोप है कि पुलिस ने उसे गुप्तांग में पेट्रोल डालने की धमकी देकर शराब बनाने की बात स्वीकार करने का दबाव बनाया। इस अत्यधिक दहशत के चलते किशोर पास बह रही सरयू नदी में कूद गया। पिता का दावा है कि तेज बहाव के कारण जब उसका पुत्र डूबने लगा और उसने मदद के लिए शोर मचाया, तब भी थानाध्यक्ष और अन्य सिपाहियों ने उसे बचाने का कोई प्रयास नहीं किया और वे सिर्फ तमाशबीन बने रहे। स्थानीय लोग भी नदी में घड़ियाल होने के डर से पानी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
इस घटना को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित पिता ने मुख्यमंत्री से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। यह पूरा विवरण उपलब्ध कराए गए शिकायती पत्र के तथ्यों पर आधारित है।
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